देवघर/झारखंड: अपनों से बिछड़ गए एक बच्चे को करीब एक साल चार महीने बाद अपने परिवार से मिलाने में देवघर बाल कल्याण समिति (CWC) को सफलता मिली है। बच्चे के परिवार का पता लगाने के लिए समिति की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे थे। आखिरकार बच्चे के घर का पता मिल गया और उसे उसके अभिभावकों को सौंप दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, 26 जुलाई 2025 को एक बच्चा जसीडीह रेलवे स्टेशन पर मिला था। इसके बाद रेलवे चाइल्डलाइन की टीम ने बच्चे को बाल कल्याण समिति (CWC), देवघर के समक्ष प्रस्तुत किया। बच्चा अपने घर का पता ठीक से नहीं बता पा रहा था, जिसके कारण उसके परिवार तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो गया था।
बाल गृह में रखकर की गई देखभाल
बच्चे की स्थिति और उसके परिवार का पता नहीं चल पाने को देखते हुए CWC देवघर ने उसे बाल गृह में रखने का आदेश दिया। इस दौरान बच्चे की देखभाल के साथ-साथ उसके परिवार और घर का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किए गए।

लंबे प्रयासों के बाद देवघर CWC को बच्चे के परिवार का पता लगाने में सफलता मिली। इसके बाद आवश्यक समन्वय और प्रक्रिया पूरी करते हुए करीब 16 महीने बाद बच्चे को उसके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया।
बिहार के लखीसराय जिले का रहने वाला है परिवार
जानकारी के मुताबिक, बच्चे का परिवार बिहार के लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। मामले की जानकारी और इससे जुड़े सभी तथ्यों से लखीसराय की बाल कल्याण समिति (CWC) को भी अवगत कराया गया।
बच्चे को उसके परिवार तक पहुंचाने में हलसी थाना प्रभारी, स्थानीय मुखिया और वार्ड सदस्यों की भी सकारात्मक भूमिका रही। सभी के सहयोग और आपसी समन्वय से बच्चे को उसके परिवार से मिलाने का प्रयास सफल हो सका।
परिवार से मिलकर लौटीं खुशियां
लंबे समय तक परिवार से दूर रहने के बाद बच्चे का अपने अभिभावकों से मिलना परिवार के लिए भावुक और खुशी का पल रहा। इस पूरे मामले में देवघर CWC के लगातार प्रयास, संबंधित अधिकारियों के सहयोग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता महत्वपूर्ण रही।
यह घटना बताती है कि संवेदनशीलता, निरंतर प्रयास और विभिन्न संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय से परिवार से बिछड़े बच्चों को उनके अपनों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
