झारखंड की आवाज

- Page 13 of 100 -

गीता यादव ने भरा नामांकन पर्चा, मिल रहा भारी जनसमर्थन

देवघर // नगर निगम चुनाव में वार्ड नं.–27 से वार्ड पार्षद पद की प्रत्याशी गीता यादव ने भव्य नामांकन जुलूस के साथ अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन रैली में स्थानीय लोगों, महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह और समर्थन का माहौल देखने को मिला। जुलूस करनीबाग से शुरू होकर निर्धारित मार्गों से होते हुए समाहरणालय तक पहुँचा। पूरे रास्ते गीता यादव के समर्थन में नारे गूँजते रहे और लोगों ने उनके प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया।

गीता यादव व उनके पति कंचन यादव लंबे समय से समाजसेवा और क्षेत्र के विकास कार्यों से जुड़े रहे हैं। वे कर्मठ, योग्य, समाजसेवी एवं सर्वांगीन विकास के लिए समर्पित शिक्षित उम्मीदवार के रूप में जानी जाती हैं। क्षेत्र के लोगों को भरोसा है कि उनके नेतृत्व में वार्ड–27 का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।नामांकन के बाद गीता यादव ने कहा कि उनका उद्देश्य वार्ड के प्रत्येक मोहल्ले में साफ–सुथरा और विकासोन्मुख वातावरण तैयार करना है। उन्होंने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सदैव पारदर्शिता, ईमानदारी और समर्पण के साथ जनसेवा के लिए प्रतिबद्ध रहेंगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि बढ़ते जनसमर्थन के आधार पर गीता यादव इस बार वार्ड नं.–27 से मजबूत दावेदारी पेश कर रही हैं।

नगर निगम चुनाव : भाजपा ने घोषित किए महापौर उम्मीदवार

देवघर // नगर निगम चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी देवघर जिला की एक महत्वपूर्ण बैठक भाजपा मुख्यालय देवघर में हुई इस बैठक में पार्टी की ओर से महापौर उम्मीदवार की घोषणा की गई। भाजपा ने रिता चौरसिया को अपना उम्मीदवार बनाया । इसकी घोषणा जिला प्रभारी सत्येंद्र सिंह ने किया साथ ही साथ जिला अध्यक्ष ने सचिन रमानी ने कहा आप सभी कार्यकर्ता पार्टी की ओर से अधिकृत उम्मीदवार रीता चौरसिया को मेयर बनाने का संकल्प ले और क्षेत्र में जाकर लग जाए जिससे पार्टी की अधिकृत मेयर रीता चौरसिया बन सके सभी कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने सुझाव दिए
नगर निगम चुनाव को लेकर रणनीति भी बनाई गई और कहा गया आप सभी पार्टी के रीड है एक-एक कार्यकर्ता की मेहनत और प्रयास से आपका अधिकृत उम्मीदवार रीता चौरसिया अधिक से अधिक मतों से जीतकर देवघर की मेयर बन सके । इस बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित जिला अध्यक्ष सचिन रवानी जिला प्रभारी सत्येंद्र सिंह महामंत्री संतोष उपाध्याय अधीर चंद्र भैया रीता चौरसिया विशाखा सिंह नवल राय राजीव सिंह सचिन सुल्तानिया विनय चंद्रवंशी विजया सिंह सुलोचना देवी अमृत मिश्रा धनंजय तिवारी सोनाधारी झा अमरजीत दुबे रमेश राय भूषण सोनी सौरभ पाठक आशीष दुबे सौरभ कश्यप आकाश सिंह दशरथ दास अलका सोनी सरिता बरनवाल एवं पार्टी के तमाम कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित थे।

दुमका पुलिस ने लूटकांड का किया खुलासा 3 अपराधी गिरफ्तार

दुमका // जिला के मसलिया व शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में हुए दो अलग-अलग लूटकांड का पुलिस ने उन्द्भेदन करते हुए, तीन शातिर अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार दिनांक बीते 29 जनवरी 2026 को शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत दुमका – शिकारीपाड़ा मुख्य मार्ग पर केंदपहाड़ी मोड़ के पास एक फेरी व्यवसायी को सुनसान स्थान पर तीन मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने रोक लिया।

चाकू का भय दिखाकर उससे करीब आठ हजार रुपये लूट लिए गए तथा विरोध करने पर चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया गया। इस संबंध में शिकारीपाड़ा थाना कांड संख्यागिरफ्तार आरोपी15/26, दिनांक 30.01.2026, धारा 309(6)/311/3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। इसी तरह 30 जनवरी 2026 को मसलिया थाना क्षेत्र के सिदपहाड़ी मोड़ के पास भी तीन अज्ञात अपराधियों ने एक व्यक्ति से करीब सात हजार रुपये की लूट की। लगातार हो रही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक दुमका के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा की गई कार्रवाई में 1 फरवरी 2026 को इस कांड में संलिप्त तीनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में धर्मेन्द्र राय उम्र 24 साल, बिचिसन राय उम्र 22 साल एवं इदुल सल अंसारी उर्फ सोनू 20 साल शा हैं। सभी ग्राम लखीकुण्डी खैराप थाना मुफ्फसिल, जिला दुमका निवासी हैं। पूछताछ में अभियुत्त अपना अपराध स्वीकार वि उनकी निशानदेही पर घटना में अपाची मोटरसाइकिल, एक फोनि चाकू तथा लूटे गए तीन मोब फोन बरामद किए गए। छापामारी में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विजय कुमार महतो, पु उपाधीक्षक ईकुड शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी अ कुमार लकड़ा, मसलिया थाना प्र राजेश रंजन एवं अन्य पुलिस शामिल थे।

UGC के विरोध में प्रदर्शन कानून को वापस करने की मांग

लातेहार // जिला के चंदवा में आज स्वर्ण समाज ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रस्तावित UGC कानून के विरोध में सैकड़ों की संख्या में स्वर्ण समाज के लोग सड़कों पर उतरे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। समाज का स्पष्ट कहना है कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा। झारखंड के लातेहार जिला अंतर्गत चंदवा प्रखंड आज नारों से गूंज उठा। मौका था स्वर्ण समाज द्वारा आयोजित विशाल महासभा और विरोध प्रदर्शन का। सुरेंद्र वैद्य की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के सैकड़ों नागरिकों ने हिस्सा लिया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार का प्रस्तावित UGC कानून शिक्षा व्यवस्था और योग्यता आधारित अवसरों के लिए बड़ा खतरा है। महासभा को संबोधित करते हुए सुरेंद्र बैद्य ने कड़े शब्दों में सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह कानून सामाजिक संतुलन बिगाड़ने वाला है। समाज का मानना है कि इससे न केवल शिक्षा का स्तर गिरेगा, बल्कि मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ होगा। प्रदर्शन के बाद स्वर्ण समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अंचल अधिकारी (CO), चंदवा को सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि प्रस्तावित कानून को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए या इसमें न्यायसंगत संशोधन किए जाएं।

वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध पूरी तरह संवैधानिक और शांतिपूर्ण है, लेकिन वे अपने हक के लिए समझौता नहीं करेंगे। इस विरोध प्रदर्शन में चंदवा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी भारी भीड़ जुटी। अब देखना यह है कि स्वर्ण समाज की इस एकजुटता और राष्ट्रपति तक पहुँचे इस संदेश का केंद्र सरकार पर क्या असर पड़ता है।

Deoghar News। शिवबारात को लेकर बैठक का आयोजन

उपायुक्त की अध्यक्षता में शिवबारात को लेकर की जाने वाली तैयारियों हेतु बैठक का आयोजन

महाशिवरात्रि के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा भव्य तरीके से कराया जाएगा शिवबारात 2026 का आयोजन

शिव बारात की गरिमा को भव्य बनाने में आप सभी जिलावासियों का सहयोग आपेक्षित:- उपायुक्त श्री नमन प्रियेश लकड़ा

देवघर // उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में शिवबारात के सफल संचालन को लेकर संबंधित अधिकारियों व समिति के सदस्यों के साथ बैठक का आयोजन समाहरणालय में किया गया। बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा शिवबारात को लेकर किये जा रहे कार्यो का बिंदुवार समीक्षा करते हुए सभी सबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी एक दूसरे के साथ समन्वय स्थापित करते हूए सफल बनावे। आगे उपायुक्त ने जिलावासियों के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं से आग्रह करते हुए कहा है कि शिवबारात को भव्य बनाने में आप सभी का सहयोग जिला प्रशासन को आपेक्षित है, ताकि इसकी भव्यता और गरिमा बनी रहे और शिवबारात का आयोजन सफलतापूर्वक किया जा सके।

इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त ने विधि व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, शहर में लाइटिंग की व्यवस्था, भव्य झांकी व यातायात व्यवस्था के साथ शिवबारात के दौरान रूटलाईन में किये जाने वाले विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए सभी कार्यों को तय समय के अनुरूप पूर्ण करने का निदेश संबंधित अधिकारियों को दिया। आगे उपायुक्त ने बाबा मंदिर व उसके आस पास के क्षेत्रों के अलावा शिवबारात रूटलाईन में व्यवस्थओं को और भी बेहतर करने के उदेश्य से निर्धारित रुटलाइन, मंदिर प्रांगण व आस पास के क्षेत्रों में बिजली व लाईटिंग पेयजल, शौचालय, सड़क, स्लैब, बेरिकेड्स, स्वास्थ्य, अतिक्रमण, साफ-सफाई व अग्निशमन व्यवस्था के अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा हेतु आपसी समन्वय के साथ बेहतर कार्य करने का निदेश दिया।

नगर निगम चुनाव: महापौर पद के लिए 8 प्रत्याशी ने किया नामांकन

देवघर // नगरपालिका आम चुनाव 2026 के चुनाव में 02.02.2026 को पूरे नगर निकायों में नाम निर्देशन की प्रक्रिया का चौथे दिन में देवघर जिला अंतर्गत देवघर नगर निगम में आज महापौर पद हेतु 08 प्रत्याशियों

  • अशोक कुमार मिश्र
  • नागेन्द्र नाथ बलियासे
  • रवि कुमार केशरी
  • सूरज कुमार झा
  • रीता चौरसिया
  • धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय
  • सुनील कुमार गुप्ता
  • मंजू देवी

ने नामांकण कराया।

इसके अलावे नगर परिषद मधुपुर में आज अध्यक्ष पद हेतु 01 प्रत्याशी (मित्ती कुमारी) ने नामांकण कराया।

जिला अन्तर्गत देवघर नगर निगम एवं मधुपुर नगर परिषद में वार्डवार नाम निर्देशन से संबंधित विवरणी निम्नलिखित है-

  1. देवघर नगर निगम के वार्ड संख्या 01 से 12 में वार्ड पद हेतु 32 प्रत्याशियों ने नामांकण कराया।
  2. देवघर नगर निगम के वार्ड संख्या 13 से 24 में वार्ड पद हेतु 29 प्रत्याशियों ने नामांकण कराया।
  3. देवघर नगर निगम के वार्ड संख्या 25 से 36 में वार्ड पद हेतु 37 प्रत्याशियों ने नामांकण कराया।
  4. मधुपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या 01 से 12 में वार्ड पद हेतु 27 प्रत्याशियों ने नामांकण कराया।
  5. मधुपुर नगर परिषद में वार्ड संख्या 13 से 23 में वार्ड पद हेतु 25 प्रत्याशियों ने नामांकण कराया।

दो करोड़ रुपया के गबन मामले में हरियाणा निवासी गुरप्रीत सिंह को मिली जमानत

देवघर // प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा की अदालत ने दो करोड़ रुपया ठगी के आरोप में जेल में बंद हरियाणा निवासी गुरप्रीत सिंह के जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया।

आवेदक का बचाव राज्य का विरोध

अभियोजन पक्ष की और से लोक अभियोजक अजय कुमार साह वरिष्ठ अधिवक्ता अमर कुमार सिंह प्रीतम आनंद ने अपना पक्ष रखा। वही बचाव पक्ष की और से वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार , बिड़लानंद चौधरी , अमित कुमार और पप्पु कुमार यादव ने अपनी बातों को रखा ।

केस डायरी में लगभग दो करोड़ का बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स मेंशन

लोक अभियोजक द्वात अमानत आवेदन का कड़ा विरोध किया गया किया गया। प्रार्थी अभियुक्त इस वाद में नागजद आरोपी हैं। प्राथमिकी के अवलोकन से ज्ञात होता है कि सूचक सुभक्स इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के निर्देशक के पद पर कार्यरत हैं। और डायरी में दिए गए बैंक ट्रांजेक्शन से भी पता चलता है कि लगभग दो करोड़ रुपया का डेबिट हुआ है।

बचाव पक्ष की और से कहा गया कि दिनांक 11.11.2005 को यह दुर्भावनापूर्ण मामला दर्ज किया गया। उनका आगे कथन है कि पार्थी अभियुक्त लगभग 24 वर्ष का अविवाहित युवक है जिसका भविष्य उज्जवल है और जेल हिरासत में रखने से चली मानसिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित होगी। उनका आगे कथन है कि प्रार्थी अभियुक्त का कोई अपराधिक इतिहास नहीं है। बल्कि शिकायत कर्ता का आपराधिक इतिहास है जो माननीय सीजीएम के न्यायालय में चल रहा है। बैंक ट्रांजेक्शन रिपोर्ट जो डायरी में संलग्न है वह बैंक द्वारा नहीं दिया गया है। उसे एक्सल सीट में बनाकर पेस किया गया है। अभियुक्त न्यायालय के आदेशानुसार बंधपत्र दाखिल करने के लिए तैयार है। अतः उन्हें जमानत पर छोड़ने की कृपा की जाय।

कैसे हुई गिरफ्तारी….

आपको बता दे कि जेल में बंद गुरप्रीत सिंह पर आरोप लगाया गया था कि जिस कंपनी में वह काम कर रहा था उस कंपनी का लगभग दो करोड़ रुपया वर्ष 2021 से 2025 तक में गवन कर लिया गया है । जो कंपनी के आंतरिक ऑडिट में ये बातें सामने आई जिसके बाद निखिल कुमार झा की और से नगर थाना लिखित आवेदन दिया गया। जिसके बाद नगर थाना कांड संख्या 512/2025 बीएनएस की धारा 126(2) , 115(2), 351(4), 352,316(2), 318(2), 308(2)316(5) के तहत मामला दर्ज कर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हरियाणा से गुरप्रीत सिंह को 16/11/2025 को विधिवत गिरफ्तार कर देवघर लाया और 19/11/2025 को कोर्ट में पेशी के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

ट्रायल के दौरान जेल में बंद रहना जरूरी नहीं

शिकायत कर्ता के अधिवक्ता ने कहा अभियुक्त को ट्रॉयल के दौरान न्यायिक हिरासत में रखने की जरूरत है क्योंकि अभी तक उसके पास की लैपटॉप की बरामदगी नहीं हुई है जिसके बाद जज साहब ने कहा कि एक महीने के अंदर कोई कार्यवाही आगे नहीं बढ़ी है इसलिए इसकी आवश्यकता नहीं है।

इस बात की जानकारी देते हुए बचाव पक्ष की और से युवा अधिवक्ता पप्पु कुमार यादव ने बताया कि एक गलत आरोप में जेल में बंद युवक को जमानत मिलने पर बहुत खुशी हुई आगे कहा कि मैने केश डायरी का बारीकी से अवलोकन कर डायरी में मेंशन ट्रांजेक्शन रिपोर्ट और कंपनी के प्रबंधक को लेकर सवाल उठाया। इस बात को जज साहब ने भी बड़ी बारीकी से अवलोकन किया और कहा कि ट्रांजेक्शन रिपोर्ट जो डायरी में संलग्न किया गया है वह बैंक द्वारा नहीं दिया गया । साथ ही कंपनी के प्रबंधक शिकायतकर्ता निखिल कुमार झा नहीं पुष्प राज है। न्यायाधीश कौशल किशोर झा ने मामले को बारीकी से सुना और अभियुक्त गुरप्रीत सिंह को जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया ।

Deoghar News। कृषि मेला सह कृषि प्रदर्शनी का हुआ आयोजन

देवघर // उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा द्वारा जिला स्तरीय कृषि मेला-सह-कृषि प्रदर्शनी मेले का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता काटकर किया गया। उद्घाटन के अवसर पर अपने संबोधन में उप विकास आयुक्त ने उपस्थित किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे कृषि, पशुपालन एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें एवं उनका अधिकतम लाभ उठाएँ।

आगे उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कृषि मेलों से किसानों को नवीन कृषि तकनीकों, योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी एक ही स्थान पर प्राप्त होती है। कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त महोदय द्वारा कृषि एवं संबद्ध विभागों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया गया तथा संबंधित पदाधिकारियों से योजनाओं की जानकारी ली गई। साथ ही कृषि प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया गया, जिसमें आधुनिक कृषि यंत्रों एवं तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।इस अवसर पर उप विकास आयुक्त ने उपस्थित किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना तथा उनके समाधान हेतु संबंधित विभागों को आदेश दिया।

साथ ही कार्यक्रम में किसानों को पशुपालन विभाग द्वारा संचालित पशु एंबुलेंस सेवा (हेल्पलाईन नंबर-1962) की जानकारी दी गई तथा आपात स्थिति में इस सेवा का अधिक से अधिक उपयोग करने का निर्देश दिया गया। मेले में कुल 44 प्रकार के कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसमें प्रत्येक श्रेणी के लिए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, मेले में कुल 25 स्टॉल लगाए गए, जिनमें विभिन्न लाइन विभागों के कार्यालयों एवं अन्य विक्रेताओं द्वारा सहभागिता की गई। साथ ही मेले के दौरान किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत सोलर पंप सेट का वितरण किया गया। साथ ही उद्यान विभाग द्वारा एनएमएनएफ योजना के तहत 6,75,000 की राशि राई समूह को प्रदान की गई। इसके अलावा 10 किसानों को टोकन के रूप में मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी वितरित किया गया।

निर्वाचन व्यय : देवघर नगर निगम महापौर पद के लिए 15 लाख एवं वार्ड पार्षद पद के लिए 3 लाख

जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रेसवार्ता का आयोजन

नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 में नोटा का विकल्प नहीं रहेगाः- जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह उपायुक्त

  • नगरपालिका आम निर्वाचन-2026 को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के किये गये पुख्ता इंतजामः पुलिस अधीक्षक

देवघर // जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा एवं पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड द्वारा नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 की निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित जारी कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी से सभी को अवगत कराया।

इसके अलावा प्रेसवार्ता के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा द्वारा जानकारी दी गई कि देवघर नगर निगम (वर्ग ख) में कुल 36 वार्ड, 158 मतदान केन्द्र, 14 सहायक मतदान केन्द्र कुल 172 व मधुपुर नगर परिषद वर्ग ख में 23 वार्ड एवं 46 मतदान केन्द्र हैं। देवघर नगर निगम हेतु कुल 179278 मतदाता है, जिसमें से 92712 पुरूष, 86558 महिला एवं 08 अन्य मतदाता हैं। वहीं मधुपुर नगर परिषद अन्तर्गत 44258 मतदाता में से 22065 पुरूष व 22193 महिला हैं।

इसके अलावा जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह उपायुक्त द्वारा बतलाया गया कि नाम निर्देशन तिथि दिनांक 29.01.2026 से 04.02.2026 तक, नाम निर्देशन की संवीक्षा तिथि 05.02.2026, अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की तिथि दिनांक 06.02.2026, निर्वाचन प्रतीक की आवंटन तिथि 07.02.2026, मतदान तिथि 23.02.2026 एवं मतगणना की तिथि 27.02.2026 रहेगी। साथ ही देवघर नगर निगम हेतु सामान्य 00, संवेदनशील मतदान केन्द्रों की संख्या 166 एवं भवनों की संख्या 87 के अलावा 06 अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्र व 03 भवनों के साथ कुल 172 मतदान एवं 90 भवनों है।

वहीं मधुपुर नगर परिषद में 05 मतदान केन्द्र व 05 भवन सामान्य, 41 मतदान केन्द्र व 33 भवन संवेदनशील हेतु कुल 46 मतदान व 38 भवन बनाये गये हैं। इसके अलावे उन्होंने जानकारी दी कि अभ्यर्थियों द्वारा किये जाने वाले निर्वाचन व्यय की अधिसीमा देवघर नगर निगम हेतु महापौर पद के लिए 15 लाख एवं वार्ड पार्षद पद के लिए 03 लाख के अलावा मधुपुर नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए 06 लाख एवं वार्ड पार्षद पद के लिए 1.5 लाख राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अभ्यर्थियों के लिए निर्वाचन व्यय की अधिसीमा निर्धारित की गई है।

सम्पूर्ण देवघर नगर निगम क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू । जानें क्या करें क्या नहीं

देवघर // झारखण्ड निर्वाचन आयोग, झारखण्ड के द्वारा नगरपालिका (आम) निर्वाचन- 2026 की घोषणा कर दी गई है। चुनाव घोषणा की तिथि से ही सम्पूर्ण देवघर नगर निगम क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गया है। इस अवधि में विभिन्न प्रत्याशियों के द्वारा चुनाव प्रचार हेतु जन-सभा/जुलूस का आयोजन किया जायेगा। जनसभा एवं जुलूस में राजनीतिक प्रतिद्वद्विता एवं प्रतिस्पर्धा के कारण शस्त्र एवं शक्ति प्रदर्शन कर मतदाताओं को प्रभावित/आतंकित किये जाने तथा विधि-व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना बनी रहती है। इसके अतिरिक्त मतदाताओं को डराने, धमकाने, जातीय साम्प्रदायिक तथा धार्मिक विद्वेष की भावना फैलाने के लिए अवांछित/असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने के कारण विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिसके कारण लोक शांति भंग हो सकती है। ऐसे मे उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में अनुमंडल पदाधिकारी-सह-अनुमंडल दण्डाधिकारी, देवघर द्वारा नगर निगम, देवघर क्षेत्रांतर्गत निष्पक्ष चुनाव के आचरण एवं अनुकूल, स्वस्थ और शांतिपूर्ण माहौल बनाये रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया की समाप्ति होने तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए देवघर अनुमंडल के नगर निगम देवघर क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू करते हुए निम्नांकित आदेश जारी किया गया है-

  1. देवघर नगर निगम क्षेत्र अन्तर्गत सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं स्थानीय संस्थाओं, जैसे महाविद्यालय, उच्च विद्यालय, प्राथमिक, मध्य एवं बुनियादी विद्यालयों एवं किसी भी आम भूमि पर किसी प्रकार की आम सभा का आयोजन बिना सक्षम प्राधिकार के पूर्वानुमति के नहीं किया जायेगा। यह निशेधाज्ञा शव यात्रा, शादी विवाह/शिव बारात/मांगलिक कार्य पर लागू नहीं होगा।
  2. सम्पूर्ण देवघर नगर निगम क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति के द्वारा किसी भी प्रकार का आग्नेयास्त्र या विस्फोटक पदार्थ, लाईसेेंसी हथियार, तीर-धनुष, लाठी, भाला एवं मानव शरीर के लिए घातक हथियार के लाने-ले जाने एवं प्रदर्शनी पर प्रतिबंध लगाया जाता है। यह प्रतिबंध उन समुदायों पर भी लागू नहीं होगा जो परम्परा तथा स्थानीय कानून के अधीन शस्त्रों का प्रदर्शन करने हेतु अधिकृत हैं। किन्तु ऐसे समुदायों के शस्त्रों को भी जब्त कर लिया जाएगा, यदि वे विधि-व्यवस्था के संधारण एवं निर्वाचन के शांतिपूर्ण संचालन में विघ्न उत्पन्न करते हैं अथवा अशांति या हिंसा फैलाते हुए पाए जाते हैं। उक्त प्रतिबंध से भारत के राष्ट्रीय राइफल एसोसियशन को मुक्त रखा जाता है, जो विभिन्न खेल-कूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने के क्रम में अपने राइफल का प्रदर्शन एवं उपयोग कर सकते हैं। यह प्रतिबंध निर्वाचन कार्य में लगे दण्डाधिकारियों/निर्वाचन कर्मियों एवं पुलिस पदाधिकारियों पर लागू नहीं होगा।
  3. किसी भी दल, अभ्यर्थी या उनके सहयोगी द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र का इस्तेमाल प्रातः 06ः00 बजे से रात्रि 10ः00 बजे के समय सीमा के अन्दर सक्षम प्राधिकार की पूर्वानुमति प्राप्त कर ही किया जा सकेगा। उक्त समय सीमा के बाहर ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
  4. किसी भी व्यक्ति/संगठन/उम्मीदवार/अभ्यर्थी के द्वारा मंदिर, मस्जिद, गिरिजाघर, गुरूद्वारा या अन्य धार्मिक स्थल पर निर्वाचन प्रचार प्रतिबंधित रहेगा। किसी राजनीतिक दल, अभ्यर्थी अथवा अन्य किसी व्यक्ति के द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाएगा, जिससे विभिन्न जातियों या धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच घृणा की भावना उत्पन्न हो।
  5. किसी सार्वजनिक/सरकारी सम्पत्ति पर नारा लिखना, पोस्टर/पैम्पलेट चिपकाना, झण्डा लगाना, बैनर लगाना, होर्डिंग लगाना एवं तोरण द्वार लगाने पर प्रतिबंध लगाया जाता है। साइन बोर्ड/राजपथों/उच्च पथों पर दिशा दिखलाने वाले सूचकों अथवा अन्तर्भेदी सड़कों के महत्वपूर्ण बिन्दुओं, मील के पत्थरों, रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर सावधानी सूचक पटों, रेलवे प्लेटफार्म पर नाम पट्टिकाओं, बस अड्डों या सर्वसाधारण की सुविधा हेतु प्रदर्शित किये गये अन्य सूचना पट्टों को भी सार्वजनिक भवन अन्तर्गत सम्मिलित माना जायेगा। उक्त प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों पर Prevention of Defacement of Property Act-1987 की सुसंगत प्रावधानों के तहत् कार्रवाई की जाएगी।
  6. किसी भी निजी भवन, दीवार तथा चहारदीवारी या खम्भों पर अभ्यर्थी तथा उनके समर्थकों द्वारा गृहस्वामी/मालिक के बिना लिखित अनुमति के
    (क) किसी तरह का पोस्टर/सूचना नहीं चिपकाया जायेगा।
    (ख) किसी तरह का नारा नहीं लिखा जायेगा।
    (ग) किसी तरह का बैनर अथवा झंडा नहीं लटकाया जायेगा।
  7. किसी राजनैतिक दल के नाम से कोई नारा, बैनर एवं पोस्टर/पर्ची नहीं लगाया जायेगा एवं किसी प्रकार का प्रचार नहीं किया जायेगा।
  8. किसी भी नगरपालिका (आम) निर्वाचन में प्रयुक्त पोस्टर/पर्ची/बैनर के नीचे मुख्य पृष्ठ पर प्रेस, जिसके माध्यम से मुद्रित कराया गया है, उसका नाम एवं पता का उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
  9. किसी भी व्यक्ति/राजनीतिक दल/संगठन/उम्मीदवार/अभ्यर्थी ऐसे किसी प्रकार का पोस्टर, पर्चा, आलेख, फोटो का प्रयोग नहीं करेगा, जो किसी व्यक्ति/समुदाय/धर्म/जाति की भवनाओें को आहत करता हो, तथा जिससे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होता हो।
  10. राज्य निर्वाचन आयोग, झारखण्ड के द्वारा समय-समय पर आदर्श आचार संहिता के संदर्भ में जारी किए गए दिशा-निर्देश, नियम एवं शर्त्तो का अक्षरशः अनुपालन सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होगा एवं किसी भी तरह का उल्लंघन वर्जित रहेगा। साथ ही यह आदेश तत्काल प्रभाव से नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 की समाप्ति यानि दिनांक-27.02.2026 के रात्रि 12ः00 बजे तक लागू होगा। उक्त प्रतिबंधित आदेश का उल्लघंन होने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 अन्तर्गत कार्रवाई की जाएगी।

यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया जाता है।

अपहृत कारोबारी कैरव गांधी सकुशल बरामद, हजारीबाग-बिहार बॉर्डर से छुड़ाया गया

जमशेदपुर से अपहृत युवा कारोबारी कैरव गांधी को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। उन्हें हजारीबाग के चौपारण क्षेत्र के पास बिहार बॉर्डर से मुक्त कराया गया। पुलिस के अनुसार अपहरणकर्ता कैरव गांधी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांजिट कर रहे थे, तभी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें बचा लिया।

जमशेदपुर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कैरव गांधी को हजारीबाग-बिहार सीमा क्षेत्र से फिर से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमों ने एक साथ इलाके में दबिश दी। पुलिस को देख अपराधी कैरव गांधी को कार में ही छोड़कर मौके से फरार हो गए।

इसके बाद पुलिस ने कारोबारी को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर जमशेदपुर पहुंचाया और उनके परिजनों को सौंप दिया। कैरव गांधी पूरी तरह सुरक्षित हैं। बिहार के किडनैपिंग गैंग का हाथजमशेदपुर पुलिस के अनुसार इस अपहरण की वारदात में बिहार का एक बड़ा किडनैपिंग गिरोह शामिल है। अपराधी हर दिन कैरव गांधी को अलग-अलग जगहों पर ले जाकर रखते थे, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।

पुलिस की पुष्टिसिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि “कैरव गांधी को सकुशल बरामद कर लिया गया है। अपहरण में शामिल आपराधिक गिरोह के खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।”इस सफल कार्रवाई के बाद कैरव गांधी के परिजनों और शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस की इस बड़ी सफलता की पूरे जिले में सराहना की जा रही है।

एएसआई श्याम कुमार को देश का सर्वोच्च पुलिस सम्मान राष्ट्रपति पुरस्कार से हुए सम्मानित

देवघर // जिले के लिए आज का दिन गर्व और गौरव का दिन एएसआई श्याम कुमार को देश का सर्वोच्च पुलिस सम्मान राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हुए । इसके साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री वीरता पुरस्कार, मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पुरस्कार और राज्यपाल पुरस्कार भी प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें पुलिस सेवा में उत्कृष्ट योगदान, अद्वितीय साहस और अनुकरणीय कार्यशैली के लिए दिया गया है। देवघर में पदस्थापित एसआई श्याम कुमार मूल रूप से बिहार राज्य के छपरा जिला के एकमा प्रखंड के निवासी हैं। वह वर्ष 1999 से पुलिस सेवा में कार्यरत हैं। और लगातार 27 वर्षों से पुलिस सेवा में है। अपनी सेवा अवधि में उन्होंने न सिर्फ कानून-व्यवस्था को मजबूत किया बल्कि समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि बनाने में भी अहम भूमिका निभाई। अब तक श्याम कुमार को 300 से अधिक पुरस्कार और सम्मान मिल चुका हैं, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। यह साबित करता है कि वे सिर्फ एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि एक प्रेरणास्रोत भी हैं।

जिला प्रशासन और डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन के बीच क्रिकेट मैच का हुआ आयोजन

गणतंत्र दिवस पर जिला प्रशासन और डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन का क्रिकेट मैच सड़क सुरक्षा नियमों के अनुपालन पर जोर

बेहतरीन गेंदबाजी और बल्लेबाजी की दम पर जिला प्रशासन की टीम ने डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन की टीम को हराया

देवघर // जिले में 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर के.के.एन स्टेडियम में सड़क सुरक्षा माह के तहत नियमों के अनुपालन और जागरूकता को लेकर जिला प्रशासन और डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन के बीच क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया।

साथ ही इस मैच का मुख्य उद्देश्य गणतंत्र दिवस के अवसर पर आपसी सौहार्द, भाईचारे और खेल भावना को बढ़ावा देना है। इसके अलावा मैच के शुरुआत में जिला प्रशासन की टीम ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का निर्णय लिया। साथ ही डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन की टीम ने 12 ओवर में 82 रन बनाया। वही जिला प्रशासन की टीम ने रोमांचक मुकाबले में आखिरी ओवर में 83 रन बना कर मैच का खिताब अपने नाम कर लिया। इसके अलावा आज के क्रिकेट मैच बेहतरीन गेंदबाज के रूप में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी ने 03 ओवर में कुल 05 रन देकर 03 विकेट अपने नाम किया। वही बेहतरीन बल्लेबाज के रूप में पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ ने सर्वाधिक 27 रन की पारी खेली। साथ ही बेहतरीन विकेटकीपर के रूप में जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने अपना प्रदर्शन दिखाया। इसके अलावे दोनों टीम के सभी खिलाड़ियों, अंपायर, कॉमेंटेटर, ग्राउंड स्टाफ की सराहना करते हुए उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया।

सार्वजनिक मामलों के लिए झारखंड के जनक गुरुजी को मरणोपरांत पद्मभूषण

राँची // अलग झारखंड राज्य आंदोलन के नायक और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को भारत सरकार ने मरणोपरांत पद्मभूषण सम्मान देने की घोषणा की है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या सरकार की और से इसकी घोषणा की गई।

देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण इस साल 13 नायकों को मिला है। जिसमें झारखंड से शिबू सोरेन को सार्वजनिक मामलों के लिए यह पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा : दिशोम गुरु श्रद्धेय शिबू सोरेन जी को उनके अतुलनीय योगदान के लिए मरणोपरांत पद्मभूषण सम्मान प्रदान किया जाना अत्यंत गौरव का विषय है।

श्रद्धेय शिबू सोरेन जी ने आदिवासी, मूलवासी एवं शोषित समाज के अधिकार, झारखंड राज्य का निर्माण और सामाजिक न्याय के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनका जीवन त्याग, संकल्प और जनसेवा की मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।

गुरु जी का जन्म 11 जनवरी 1944 को हजारीबाग जिला अब रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में एक साधारण आदिवासी परिवार में हुआ था। उनके पिता सोबरन सोरेन एक सामाजिक रूप से जागरूक व्यक्ति थे, जो अपने समुदाय के लिए कार्य करते थे।

शिबू सोरेन के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाएं:

पिता की हत्या : 27 नवंबर 1957 को उनके पिता सोबरन सोरेन की हत्या महाजनों और साहूकारों के साथ जमीन विवाद के कारण हुई थी, जिसने उनके जीवन को एक नया मोड़ दिया और उन्हें सामाजिक कार्यों और राजनीति की ओर प्रेरित किया।

आंदोलन की शुरुआत :

शिबू सोरेन ने महाजनी प्रथा के खिलाफ लड़ाई शुरू की और महाजन के विरोध आंदोलन शुरू किया और उसी से शुरू हुआ धनकटनी आंदोलन शुरू किया इस आंदोलन में महिलाएं धान काटती और पुरुष तीर कमान लिए घूमता इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य आदिवासियों को उनकी जमीन पर अधिकार दिलाना और महाजनों के शोषण से मुक्ति दिलाना था।

आंदोलन से गुरु जी को लोगों ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना :

4 फरवरी 1973 को शिबू सोरेन ने अपने सहयोगियों बिनोद बिहारी महतो और एके राय के साथ मिलकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की स्थापना की, जिसका मुख्य उद्देश्य झारखंड के आदिवासियों और मूलवासियों के अधिकारों की रक्षा करना और एक अलग झारखंड राज्य की मांग को बल देना था।

पहली बार जेल 1975 में गए थे

शिबू सोरेन पहली बार जेल 1975 में गए थे, जब उन्हें चिरूडीह कांड के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस घटना में 11 लोगों की मौत हुई थी, और शिबू सोरेन पर हिंसक भीड़ का नेतृत्व करने का आरोप लगा था। उन्हें कई साल तक जेल में रखा गया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

चिरूडीह कांड के मामले में शिबू सोरेन की गिरफ्तारी और जेल जाने के पीछे का कारण आदिवासी अधिकारों की लड़ाई और उनके आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को माना जाता है। इस घटना ने उनके जीवन और राजनीति पर गहरा प्रभाव डाला।

राजनीतिक सफर :

शिबू सोरेन ने तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और केंद्र में कोयला मंत्री भी रहे। वे आठ बार लोकसभा सांसद और दो बार राज्यसभा सदस्य चुने गए ।

शशीनाथ झा हत्याकांड : 1994 में उनके निजी सचिव शशीनाथ झा की हत्या के मामले में भी उनकी संलिप्तता का आरोप लगा, जिसके लिए उन्हें दिल्ली की एक अदालत ने दोषी ठहराया था, लेकिन बाद में वे बरी हो गए ।

विरासत: शिबू सोरेन का जीवन आदिवासी अधिकारों की लड़ाई और राजनैतिक परिवर्तन का प्रतीक रहा। उनकी विरासत अब उनके बेटे हेमंत सोरेन और JMM के बैनर तले जारी है, जो आदिवासी राज्य की स्थापना और आज़ादी से जुड़ी मूल मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेती है । शिबू सोरेन ने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण चुनाव लड़े। उनकी चुनावी यात्रा के कुछ महत्वपूर्ण पड़ाव इस प्रकार हैं 1977 : शिबू सोरेन ने अपना पहला चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

1980 : उन्होंने दुमका लोकसभा सीट से चुनाव जीता और पहली बार सांसद बने। 1989, 1991, 1996 : शिबू सोरेन ने दुमका लोकसभा सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीते। 2019 : उन्होंने अपना आखिरी चुनाव लड़ा, लेकिन दुमका लोकसभा सीट से हार गए।

शिबू सोरेन झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री

2000 : शिबू सोरेन पहली बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने, लेकिन उनकी सरकार ज्यादा समय तक नहीं चल सकी।

2008-2009 : शिबू सोरेन दूसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने।2009-2010 : शिबू सोरेन तीसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने।इसके अलावा, शिबू सोरेन तीन बार राज्यसभा के सदस्य भी रहे। उनकी राजनीतिक यात्रा में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने हमेशा आदिवासी समुदाय के अधिकारों की लड़ाई जारी रखी।

DeogharNews। देवघर पुलिस ने एक साइबर आरोपी को किया गिरफ्तार

देवघर // पुलिस ने साइबर क्राइम के खिलाफ छापेमारी कर जिला के कुंडा थाना क्षेत्र के तेतरिया में छापेमारी कर एक साइबर आरोपी अनूप कुमार दास को किया गिरफ्तार। गिरफ्तार आरोपी के पास से दो मोबाइल और एक सिम कार्ड को किया बरामद।

साइबर फ्रॉड का तरीका

  • गूगल पर अपना फर्जी मोबाईल नंबर कस्टमर केअर के नाम से अपलोड कर साइबर ठगी करना।
  • फर्जी Phonepe /Paytm Customer Care पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को Cash Back का झांसा देकर Phonepe Gift Card Create करवाकर उसे Redeem कर ठगी करना।
  • फर्जी Airtel Payment Bank पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को झांसे में लेकर Airtel Thanks App के माध्यम से Airtel Payment Bank कार्ड बन्द कर उपभोक्ताओं को झांसा देकर तथा आम सहायता के रूप में कार्ड को पुनः चालू कराने के नाम पर झांसा देकर ठगी करना।