तुम्बाबेल आंगनबाड़ी केंद्र में चयन प्रक्रिया को गलत तरीके से खारिज करने का मामला उठा, उपायुक्त ने निष्पक्ष जांच के दिए निर्देश
देवघर। आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितता को लेकर देवघर के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने गंभीरता दिखाई है। मोहनपुर प्रखंड के तुम्बाबेल आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका चयन प्रक्रिया को गलत तरीके से खारिज किए जाने से जुड़ी शिकायत पर उपायुक्त ने उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को जांच करने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य मामले की सच्चाई सामने लाना और आंगनबाड़ी केंद्र का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है।

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को सूचना भवन, देवघर में उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार के दौरान यह मामला सामने आया। जनता दरबार में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याएं रखीं। उपायुक्त ने एक-एक कर लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सेविका चयन प्रक्रिया की होगी जांच, योग्य उम्मीदवार के चयन पर जोर
जनता दरबार में मोहनपुर के तुम्बाबेल आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका चयन प्रक्रिया को गलत तरीके से खारिज करने की शिकायत सामने आई। मामले को संज्ञान में लेते हुए उपायुक्त ने डीडीसी को जांच का निर्देश दिया, ताकि तथ्यों की पड़ताल कर उचित कार्रवाई की जा सके।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्र का सुचारू संचालन और बच्चों का बेहतर भविष्य प्राथमिकता है। इसके लिए स्थानीय और योग्य उम्मीदवार के चयन की प्रक्रिया नियमानुसार सुनिश्चित की जानी चाहिए।
लगान रसीद की शिकायतों का समय पर होगा निष्पादन
जनता दरबार में भू-अर्जन एवं मुआवजा भुगतान, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, पेंशन, आवास और राजस्व से जुड़े मामलों को भी लोगों ने उठाया। उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों को लगान रसीद से संबंधित शिकायतों का समय पर निष्पादन करने का निर्देश दिया।
वहीं, राशन कार्ड में नाम जोड़ने, मंईयां सम्मान योजना, पेंशन और राजस्व से जुड़े कुछ मामलों का संबंधित विभागों की ओर से मौके पर ही निराकरण किया गया।
स्कूल की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए 48 घंटे में जांच रिपोर्ट
जनता दरबार में सारवां स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय नारंगी की जमीन पर अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग भी सामने आई। उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए देवघर के अनुमंडल पदाधिकारी को 48 घंटे के भीतर जांच प्रतिवेदन उपायुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और अंचलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण से जुड़े मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को चिन्हित अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नोटिस और चेतावनी के बावजूद यदि अतिक्रमणकारी स्वेच्छा से सरकारी या सार्वजनिक भूमि खाली नहीं करते हैं, तो नियमानुसार बलपूर्वक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।

जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों और ज्ञापनों पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई कर उनका निष्पादन करने पर भी जोर दिया गया। मामलों को लंबित रखने या कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
आंगनबाड़ी सेविका चयन की शिकायत पर जांच का निर्देश दिए जाने से अब तुम्बाबेल केंद्र से जुड़े मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।





















