झारखंड की आवाज

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मालदा टाउन स्टेशन पर CIB/RPF की बड़ी कार्रवाई, 4 संदिग्ध TOPB अपराधी गिरफ्तार

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मालदा // यात्रियों के सामान की चोरी और रेलवे परिसरों में आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में CIB/मालदा और RPF/Post/Malda Town की संयुक्त टीम ने मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से चार संदिग्ध TOPB अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पांच संदिग्ध चोरी के मोबाइल फोन, TTE की वर्दी और रेलवे के महत्वपूर्ण आधिकारिक दस्तावेजों से भरा एक ग्रे बैकपैक बरामद किया गया। बरामद सामान का अनुमानित मूल्य करीब 1.15 लाख रुपये बताया गया है।

पार्सल गेट के पास संदिग्ध हालत में मिले

रेलवे के अनुसार, 28 सितंबर 2026 को CIB/मालदा और RPF की टीम स्टेशन पर विशेष जांच अभियान चला रही थी। करीब 13:45 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर न्यू फरक्का छोर की ओर पार्सल गेट के पास चार लोग संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। टीम को देखकर उन्होंने भागने का प्रयास किया, लेकिन पीछा कर उन्हें पकड़ लिया गया।

पूछताछ में चारों की पहचान

  • अक्षय सरकार (30),
  • निजिल शेख (28),
  • शेख रबीउल (36) और
  • राहुल शेख (26) के रूप में हुई।

सभी मालदा जिले के रहने वाले बताए गए हैं। पूछताछ में उन्होंने न्यू फरक्का से मालदा टाउन आने की बात कही, लेकिन उनके पास वैध यात्रा टिकट नहीं मिला।

पांच मोबाइल और TTE से जुड़े दस्तावेज बरामद

तलाशी के दौरान अक्षय सरकार के पास से एक Realme मोबाइल और ग्रे रंग का बैकपैक बरामद हुआ। बैकपैक से रेलवे TTE से संबंधित Suggestion-cum-Complaints Book, पहचान एवं Checking Authority-cum-Identity Card, Eastern Railway/SDAH का TTE ब्लेजर/वर्दी, बैज और अन्य रेलवे दस्तावेज मिले।
वहीं, निजिल शेख के पास से POCO और Redmi, शेख रबीउल के पास से Redmi और राहुल शेख के पास से भी Redmi मोबाइल बरामद किया गया।

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पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बरामद मोबाइल और अन्य सामान के संबंध में कोई वैध बिल या स्वामित्व प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
ट्रेनों में यात्रियों से चोरी करने का कथित खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि पांचों मोबाइल फोन और बैकपैक 27 और 28 सितंबर के दौरान न्यू फरक्का–मालदा टाउन तथा वापसी मार्ग की ट्रेनों में यात्रियों से चोरी किए गए थे। आरोपियों ने चोरी की संपत्ति को आर्थिक लाभ के लिए अन्य लोगों को बेचने की बात भी कथित रूप से स्वीकार की है।
हालांकि, इन बयानों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान की जानी है।

GRPS मालदा टाउन में मामला दर्ज

बरामद सामान को विधिवत जब्त किया गया और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई। इसके बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तारी के कारण और उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए गिरफ्तार किया गया।
मामले में GRPS/Malda Town Case No. 121/26, दिनांक 28.09.2026 के तहत BNS की धारा 305(c) और 317(2) में मामला दर्ज किया गया है।

ICJS-CCTNS में आपराधिक इतिहास की जांच

जांच एजेंसियों ने ICJS और CCTNS के माध्यम से आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया है। उपलब्ध रिकॉर्ड में निजिल शेख, शेख रबीउल, अक्षय सरकार और राहुल शेख के खिलाफ अलग-अलग पुराने आपराधिक मामलों से संबंधित प्रविष्टियां मिलने की बात कही गई है।
रेलवे TTE से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज और वर्दी की बरामदगी के साथ पांच मोबाइल फोन मिलने के बाद अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी अन्य यात्री-सामान चोरी की घटनाओं में भी शामिल थे या नहीं। बरामद मोबाइल फोन और रेलवे दस्तावेजों का चोरी/गुमशुदगी के रिकॉर्ड से मिलान कराया जा रहा है।

पटना ADM और सब-रजिस्ट्रार पत्नी के ठिकानों पर विजिलेंस रेड, कैश और 48 महंगी घड़ियां बरामद

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पटना: बिहार की राजधानी पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में ADM (सप्लाई) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी के ठिकानों पर छापेमारी की है। कुमारी स्वीटी दानापुर की जिला अवर निबंधक (सब-रजिस्ट्रार) के पद पर तैनात हैं।

निगरानी टीम ने पटना और बेगूसराय स्थित उनके आवास समेत कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। पटना के दानापुर स्थित कश्यप ग्रीन सिटी अपार्टमेंट में तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, आभूषण, महंगी घड़ियां और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है।

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रिपोर्टों के अनुसार तलाशी के दौरान 48 महंगी घड़ियां बरामद हुई हैं। नकदी की बरामदगी को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं, जबकि कुछ रिपोर्टों में एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी का उल्लेख किया गया है। निगरानी टीम बरामद नकदी और अन्य सामान का सत्यापन कर रही है।

निगरानी ब्यूरो ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक मामले में कथित आय से अधिक संपत्ति का आंकड़ा 1.06 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। तलाशी के दौरान संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।

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बेगूसराय स्थित पैतृक आवास पर भी निगरानी टीम ने कार्रवाई की है। यहां से नकदी और आभूषण मिलने की जानकारी सामने आई है। तलाशी पूरी होने के बाद बरामद संपत्ति, नकदी, आभूषण और दस्तावेजों का विस्तृत आकलन किया जाएगा।

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निगरानी विभाग की कार्रवाई अभी जांच के चरण में है। बरामद संपत्ति और नकदी के स्रोत तथा अधिकारियों की घोषित आय से उसके संबंध का सत्यापन जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।

SIR-2026 विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भारत निर्वाचन आयोग के सचिव ने बरहेट में की समीक्षा

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साहिबगंज// जिले में संचालित SIR-2026 (विशेष गहन पुनरीक्षण) के सफल क्रियान्वयन को लेकर आज भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के सचिव श्री संजीव कुमार प्रसाद का साहिबगंज जिले के बरहेट प्रखंड में आगमन हुआ। इस अवसर पर वन प्रमंडल के अतिथि भवन में SIR-2026 से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी दीपक कुमार दूबे ने पुष्पगुच्छ भेंट कर भारत निर्वाचन आयोग के सचिव का स्वागत किया।

समीक्षा के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के सचिव श्री संजीव कुमार प्रसाद ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि बरहेट (अ०ज०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आदिवासी एवं पहाड़िया समुदाय के पात्र मतदाताओं का नाम किसी भी परिस्थिति में मतदाता सूची से विलोपित नहीं हो। साथ ही, मतदाता सूची में किसी भी अपात्र अथवा विदेशी व्यक्ति का नाम शामिल न हो।

उन्होंने SIR-2026 के तहत प्राप्त दावा एवं आपत्ति से संबंधित दस्तावेजों तथा अभिलेखों का जायजा लिया । इस दौरान दस्तावेजों एवं अभिलेखों का सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित तरीके से संधारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, दावा एवं आपत्ति से संबंधित मामलों की सुनवाई की प्रगति की जानकारी लेते हुए लंबित सुनवाई कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।

भारत निर्वाचन आयोग के सचिव ने बरहेट विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के सभी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पात्र मतदाताओं से संबंधित सुनवाई की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण करें तथा प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करें।

SIR-2026 के तहत दावा एवं आपत्ति दाखिल करने की अवधि 05 अगस्त 2026 से 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित है। इस अवधि में प्राप्त सभी दावा एवं आपत्ति आवेदनों का ससमय निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

मौके पर निर्वाची पदाधिकारी, बरहेट -सह- अपर समाहर्ता विजय कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी कुमुदिनी टुडू, सहित सभी संबंधित सहायक निर्वाची पदाधिकारी, BLO एवं निर्वाचन कर्मी उपस्थित थे।

देवघर के लिए गौरव का क्षण: जस्टिस अपरेश कुमार सिंह समेत तीन हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीशों की सुप्रीम कोर्ट के लिए अनुशंसा

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देवघर/नई दिल्ली। देवघर जिले के लिए एक बार फिर गौरव का अवसर सामने आया है। तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की अनुशंसा सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की है। उनके साथ गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल और दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के नाम की भी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के लिए अनुशंसा की गई है।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 28 सितंबर 2026 को हुई कॉलेजियम की बैठक में तीनों मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किए जाने की अनुशंसा की गई। अब इन अनुशंसाओं पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होगी।

देवघर के चांदचौरा से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर

जस्टिस अपरेश कुमार सिंह का पैतृक संबंध देवघर जिले के करौं प्रखंड अंतर्गत चांदचौरा गांव से बताया जाता है। उन्होंने देवघर के सन फ्रांसिस स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए ऑनर्स और एलएलबी की पढ़ाई की।

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वर्ष 1990 में अधिवक्ता के रूप में नामांकन के बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट में वर्ष 2000 तक वकालत की। झारखंड गठन के बाद वर्ष 2001 से उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की। 24 जनवरी 2012 को उन्हें झारखंड हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और बाद में वे स्थायी न्यायाधीश बने। उपलब्ध न्यायिक अभिलेखों में भी 24 जनवरी 2012 से झारखंड हाईकोर्ट में उनके न्यायाधीश के रूप में कार्य करने की पुष्टि होती है।

इसके बाद अप्रैल 2023 में जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को त्रिपुरा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। जुलाई 2025 में उनका स्थानांतरण तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में हुआ।

उनका परिवार भी कानून के क्षेत्र से जुड़ा रहा है। उनके छोटे भाई तपेश कुमार सिंह सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं, जबकि रूपेश कुमार सिंह झारखंड हाईकोर्ट में वकालत करते हैं।

तीन मुख्य न्यायाधीशों के नाम कॉलेजियम ने भेजे

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के अलावा दो अन्य हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के नाम भी अनुशंसित किए हैं—

  • जस्टिस सुनीता अग्रवाल — मुख्य न्यायाधीश, गुजरात हाईकोर्ट
  • जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय — मुख्य न्यायाधीश, दिल्ली हाईकोर्ट
  • जस्टिस अपरेश कुमार सिंह — मुख्य न्यायाधीश, तेलंगाना हाईकोर्ट

कॉलेजियम की यह अनुशंसा सुप्रीम कोर्ट में तीन रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया का हिस्सा है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में 34 न्यायाधीश कार्यरत हैं और स्वीकृत संख्या 38 है। तीनों नियुक्तियां अधिसूचित होने के बाद कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 37 हो जाएगी।

देवघर से निकलकर झारखंड हाईकोर्ट, त्रिपुरा हाईकोर्ट और फिर तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद तक पहुंचे जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के सुप्रीम कोर्ट के लिए अनुशंसित होने की खबर ने देवघर सहित झारखंड के न्यायिक और विधिक जगत में विशेष रुचि पैदा की है।

8 साल पुराने मामले में देवघर विधायक सुरेश पासवान समेत छह आरोपी रिहा, अभियोजन के गवाहों ने नहीं किया घटना का समर्थन

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देवघर: देवघर विधायक सुरेश पासवान समेत छह आरोपियों को जसीडीह थाना कांड संख्या 203/2017 से जुड़े जीआर केस नंबर 859/2017 में एसडीजेएम न्यायालय से रिहाई मिली है। यह मामला 28 मई 2017 को सूचक फणींद्र कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया था।

मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 323, 504, 506, 447, 427, 385, 379 और 120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि सूचक फणींद्र कुमार और उनके पुत्र संतोष पासवान के साथ मारपीट कर उन्हें घायल किया गया तथा 10 लाख रुपये रंगदारी की मांग की गई।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल चार गवाहों के बयान दर्ज किए गए। उपलब्ध विवरण के अनुसार किसी भी गवाह ने अभियोजन की ओर से लगाए गए आरोपों का समर्थन नहीं किया। ट्रायल के दौरान दो आरोपी अखिलेश्वर पासवान और कौशल्या देवी की मृत्यु भी हो गई।

बाद में मामले में धारा 504 और 34 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया। करीब आठ वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद मामले में फैसला आया और सभी आरोपियों को रिहा कर दिया गया।

मामले में आरोपी बनाए गए सुरेश पासवान (विधायक), रंजीत कुमार पासवान, रिंकू देवी, निशा देवी, रूबी देवी और रामदास पासवान सभी पूनासी, जिला देवघर के निवासी हैं।

न्यायालय के फैसले के बाद इस पुराने मामले में आरोपियों को राहत मिली है।

देवघर में 5 साइबर अपराधी गिरफ्तार, फ्लिपकार्ट-अमेजन कस्टमर केयर के नाम पर करते थे ठगी

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देवघर: साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के आदेश पर साइबर थाना पुलिस ने छापेमारी कर पांच कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों पर फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों से ठगी करने सहित कई तरीकों से साइबर अपराध करने का आरोप है।

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साइबर थाना की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर सारठ थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में इनके पास से बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड के संबंध में साइबर ठगी में संलिप्तता के संकेत मिलने की बात पुलिस ने कही है।

इन पांच आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में

  • 1. सरफराज आलम उम्र करीब 30 वर्ष पिता इम्तीयाज आलम सा० बरमसिया थाना सारठ
  • 2. विजय कुमार दास उम्र करीब 21 वर्ष पिता रविन्द्र दास सा० सिमरातरी थाना पाथरौल
  • 3. शिवम कुमार दास उम्र करीब 19 वर्ष पिता ठाकुर दास सा० चरकमारा थाना सारठ
  • 4. नितेश कुमार उम्र करीब 19 वर्ष पिता किशोर मंडल सा० दौदिया थाना सोनारायठाड़ी एवं
  • 5. अभय कुमार दास उम्र करीब 24 वर्ष पिता सुखसागर दास सा० लेड़वा थाना पाथरौल सभी जिला देवघर

इस तरीके से करते थे साइबर ठगी

पुलिस के मुताबिक आरोपी विभिन्न तरीकों से लोगों को झांसे में लेते थे। इनमें प्रमुख रूप से—

  • Flipkart/Amazon कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर कैशबैक का झांसा देकर ठगी करना।
  • Google Pay, PhonePe और Paytm कस्टमर केयर के नाम पर लोगों से संपर्क कर ठगी करना।
  • APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल करने और ठगी करने का प्रयास।
  • PM-Kisan योजना, बिजली बिल और RTO चालान आदि के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजना।
  • फर्जी Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर मोबाइल नंबर से Airtel Thanks ऐप के जरिए Payment Bank खाता बंद होने का झांसा देना और दोबारा चालू कराने के नाम पर ठगी करना।

पांच मोबाइल और आठ सिम बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन और 8 सिम कार्ड बरामद किए हैं। प्रेस नोट के अनुसार तकनीकी जांच के बाद बरामद मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों के संबंध में विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सरफराज आलम के खिलाफ पूर्व में देवघर साइबर थाना कांड संख्या 125/25 तथा जिला दुमका के शिकारीपाड़ा थाना कांड संख्या 115/24 में भी आरोपित होने की जानकारी दी गई है।

देवघर साइबर थाना पुलिस ने कहा है कि मामले में बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की तकनीकी जांच जारी है। जांच के दौरान साइबर ठगी से जुड़े अन्य मामलों और संभावित नेटवर्क के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

रांची से लापता चार वर्षीय बच्चा साहिबगंज के तीनपहाड़ से बरामद, पांच गिरफ्तार

साहिबगंज। रांची रेलवे स्टेशन के बाहर से 24 सितंबर को लापता हुए चार वर्षीय बच्चे को रविवार, 27 सितंबर की सुबह साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के बाबूपाड़ा से सकुशल बरामद कर लिया गया। मामले में पुलिस ने कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई रांची पुलिस ने धनबाद, जामताड़ा और साहिबगंज पुलिस के सहयोग से की।

रेलवे स्टेशन के बाहर से अचानक गायब हुआ था बच्चा

जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ निवासी दिलमेत राजवाड़े आंध्र प्रदेश के सलेम में काम करने के बाद अपने बच्चों के साथ छत्तीसगढ़ लौट रही थीं। 24 सितंबर को वह अपने चार वर्षीय बेटे विवान कुमार और छह वर्षीय बेटी प्रिंसी कुमारी के साथ रांची पहुंची थीं।

रांची रेलवे स्टेशन के बाहर वह अंबिकापुर जाने वाली बस के संबंध में ऑटो चालकों से जानकारी ले रही थीं। इसी दौरान उनका चार वर्षीय बेटा विवान अचानक लापता हो गया। काफी तलाश के बाद भी बच्चे का पता नहीं चला तो परिजनों ने चुटिया थाना में शिकायत दर्ज कराई।

CCTV फुटेज से पुलिस को मिला सुराग

शिकायत मिलने के बाद रांची पुलिस ने रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने धनबाद से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।

पुलिस पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर जांच का दायरा साहिबगंज के तीनपहाड़ तक पहुंचा।

बाबूपाड़ा में पुलिस ने बच्चे को बरामद किया

चुटिया थाना इंस्पेक्टर पूनम कुजूर के नेतृत्व में रांची पुलिस की टीम तीनपहाड़ पहुंची। स्थानीय थाना पुलिस के सहयोग से बाबूपाड़ा में कार्रवाई की गई, जहां से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, धनबाद से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीनपहाड़ क्षेत्र से चार अन्य लोगों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया है।

बच्चे को रांची कैसे लाया गया, जांच जारी

बच्चे के रांची से तीनपहाड़ पहुंचने की पूरी कड़ी को पुलिस खंगाल रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्चे को किस तरह रांची से साहिबगंज लाया गया और इस मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।

पुलिस की जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है।

जन्म-मृत्यु के दो साल बाद पंजीकरण के लिए कोर्ट की अनुमति जरूरी

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देवघर। जन्म और मृत्यु का समय पर पंजीकरण नहीं कराने वालों के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। नए प्रावधान के तहत जन्म या मृत्यु की घटना के दो साल से अधिक समय बाद पंजीकरण कराने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति लेना आवश्यक होगा।

बताया गया है कि यह प्रावधान एक अक्टूबर 2026 से लागू होगा। वहीं जन्म और मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए निर्धारित समय-सीमा के अनुसार अलग-अलग स्तर पर सत्यापन और अनुमति की व्यवस्था की गई है।

30 दिन के भीतर पंजीकरण पर सामान्य प्रक्रिया

जन्म या मृत्यु की घटना के 30 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने पर अस्पताल अथवा संबंधित स्थानीय निकाय से सूचना और प्रमाण के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। 30 दिन से अधिक लेकिन एक वर्ष के भीतर पंजीकरण कराने के लिए संबंधित नगर निकाय अथवा प्रखंड स्तर पर आवेदन और निर्धारित अधिकारी की अनुमति की जरूरत होगी।

एक से दो साल के बीच पंजीकरण के लिए शपथ पत्र सहित आवेदन करना होगा और संबंधित एसडीएम से अनुमति लेनी होगी।

वहीं दो साल से अधिक पुराने मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

21 दिनों के भीतर पंजीकरण पर नियम में बदलाव नहीं

खबर के अनुसार, जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। समय पर पंजीकरण होने से सरकारी रिकॉर्ड में जन्म और मृत्यु का प्रमाण सुरक्षित रहता है और भविष्य में प्रमाणपत्र से जुड़ी परेशानियों से बचा जा सकता है।

राज्य में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण के लिए झारखंड जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रेशन नियमावली, 2009 पहले से लागू है। नए प्रावधान का उद्देश्य लंबे समय से लंबित जन्म-मृत्यु पंजीकरण मामलों में सत्यापन को अधिक व्यवस्थित करना बताया गया है।

नए नियम लागू होने के बाद विलंब से पंजीकरण कराने वाले लोगों को निर्धारित प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों से अनुमति प्राप्त करनी होगी।

मारगोमुंडा में 78 हजार की लूट का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

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देवघर। मारगोमुंडा थाना क्षेत्र में बाइक सवार अपराधियों द्वारा एक व्यक्ति से 78 हजार रुपये समेत लैपटॉप और अन्य सामान लूटने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से लूट की रकम का हिस्सा, लैपटॉप और अन्य सामान बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त 2026 की शाम करीब 6:25 बजे मो. कलीम अंसारी अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात अपराधियों ने उनका बैग छीन लिया। बैग में करीब 78 हजार रुपये नकद, HP कंपनी का माइक्रोफाइनेंस से संबंधित लैपटॉप, दो पीस जीपीएस कनेक्टर, पेन कार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड, पर्स, रसीद स्लिप और Vivo कंपनी का मोबाइल था।

घटना के संबंध में मारगोमुंडा थाना कांड संख्या 61/2026, दिनांक 23 अगस्त 2026 को धारा 309(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

अनुसंधान और छापेमारी के दौरान पुलिस ने मामले में नसीद अंसारी (24 वर्ष), पिता-राजाउद्दीन मियां उर्फ कोका, निवासी चमरवीधा, थाना मारगोमुंडा तथा नवाब अंसारी (करीब 20 वर्ष), पिता-मो. जमशेद, निवासी मुरलीपहाड़ी, थाना मारगोमुंडा को गिरफ्तार किया।

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पुलिस ने नसीद अंसारी के पास से 500 रुपये के 9 नोट और 100 रुपये के 2 नोट, कुल 4,700 रुपये, तथा मो. कलीम अंसारी के नाम से लिखा हुआ पेन कार्ड और दो पासपोर्ट साइज फोटो बरामद किए। वहीं नवाब अंसारी की निशानदेही पर HP कंपनी का लैपटॉप और 500 रुपये के 18 नोट यानी 9,000 रुपये बरामद किए गए।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार दोनों आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। नसीद अंसारी के खिलाफ मारगोमुंडा थाना और दिल्ली साइबर थाना में मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। नवाब अंसारी के खिलाफ भी मारगोमुंडा थाना में पूर्व के मामले दर्ज बताए गए हैं।

छापेमारी टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मधुपुर, थाना प्रभारी मारगोमुंडा, कांड के अनुसंधानकर्ता लक्ष्मण बोदांग तथा मारगोमुंडा थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।

साहिबगंज में कुल्हाड़ी से हत्या, आरोपी गिरफ्तार; वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद

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साहिबगंज। बोरियो थाना क्षेत्र के गांडे पहाड़ नवगाछी गांव में एक व्यक्ति की कुल्हाड़ी से हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और खून से सनी मिट्टी भी बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर 2026 को चांदी पहाड़िन के फर्द बयान के आधार पर बोरियो थाना में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में गांव के ही कतरू पहाड़िया उर्फ चकरो पहाड़िया पर उनके पति गुया पहाड़िया (39) की कुल्हाड़ी से हत्या करने का आरोप लगाया गया था।

मामले को लेकर बोरियो थाना कांड संख्या 68/26, दिनांक 26 सितंबर 2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में प्राथमिकी दर्ज की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए साहिबगंज एसपी अमित कुमार सिंह के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस निरीक्षक नूनूदेव राय के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए दुर्गा टोला से प्राथमिकी अभियुक्त कतरू उर्फ चकरो पहाड़िया (लगभग 30 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी गांडे पहाड़ नवगाछी का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और खून से सनी मिट्टी बरामद की गई।

कार्रवाई में बोरियो प्रभाग के पुलिस निरीक्षक नूनूदेव राय, थाना प्रभारी रोहित कुमार, एसआई सिद्धार्थ शंकर टोप्पो, अनुसंधानकर्ता एसआई दूधनाथ सिंह, एएसआई देवनारायण साहू, बिराम मार्डी सहित बोरियो थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।

युवा कांग्रेस में शामिल हुए छात्र नेता मोनू कुमार समेत दर्जनों युवा

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देवघर // जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष आशीष भारद्वाज के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं के युवा कांग्रेस का दामन थामा मौके पर जिला अध्यक्ष ने बताया कि शामिल सभी युवा पूर्व से ही राजनीति में सक्रिय रहे है और कांग्रेस की आइडियोलॉजी से प्रभावित होकर सभी युवा पार्टी में शामिल हुए हैं । इनके पार्टी में शामिल होने से संगठन को और भी मजबूती प्रदान हुई।

मौके पर शामिल युवा मोनू कुमार ने बताया कि वे विगत 6 वर्षों से ही विभिन्य दलो में छात्र राजनीति में सक्रिय रहे है और अब सभी मिल कर युवा कांग्रेस के बैनर तले युवाओं और छात्रों की आवाब बुलंद करेंगे और युवाओं की समस्या का समाधान करेंगे।

मौके पर मुख्य रूप से युवा जिला अध्यक्ष अशीष भारद्वाज, मुख्य कांग्रेस के जिला सचिव अश्विनी कुमार सिंह,युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनुराग आनंद ,कुमार बाबा ,अजय कृष्ण भारती, मोनू कुमार,जाहिद कुमार ,लक्की सिंह,महेंद्र कुमार ,पवन कुमार , सीपू कुमार , विक्रम कुमार ,पंकज चौधरी,अनिल चौधरी,रोहित कुमार ,प्रिंस कुमार ,ऋषभ बरनवाल आदि उपस्थित थे

देवघर में चक्रवाती तूफान का कहर, पेड़-पोल गिरने से बिजली व्यवस्था प्रभावित; घर ढहने से महिला की मौत

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देवघर। जिले के विभिन्न प्रखंड क्षेत्रों में चक्रवाती तूफान और तेज हवाओं का व्यापक असर देखने को मिला। तेज आंधी के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के पोल गिर गए, विद्युत तार क्षतिग्रस्त हो गए और कई कच्चे तथा एडवेस्टर वाले मकानों को नुकसान पहुंचा। तूफान ने किसानों और आम लोगों के जनजीवन को भी प्रभावित किया है।

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मोहनपुर प्रखंड के कटवन पंचायत के लोढ़ीवरन गांव में तेज हवा के कारण पेड़ गिरने से बिजली के कई पोल क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली के तार टूटकर गिरने से विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई। इसी गांव में मनोज यादव के पोल्ट्री फार्म को भी तेज आंधी से भारी नुकसान पहुंचा। बताया जा रहा है कि फार्म में बड़ी संख्या में मुर्गे थे और फार्म के क्षतिग्रस्त होने से लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।

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वहीं कटवन-जमुआ क्षेत्र में भी तूफान का असर देखने को मिला। तेज हवा के कारण कई एडवेस्टर के घर क्षतिग्रस्त हो गए। पेड़ गिरने से सड़क पर आवागमन बाधित हो गया। इसके बाद स्थानीय मुखिया की पहल पर जेसीबी मशीन की मदद से सड़क से पेड़ हटाकर आवागमन बहाल कराया गया।

झारखंडी पंचायत के जमुआ गांव में भी तेज आंधी ने भारी तबाही मचाई। यहां जनार्दन मंडल के एडवेस्टर वाले घर को काफी नुकसान पहुंचा। घर में मौजूद बच्चों के चोटिल होने की भी जानकारी सामने आई है।

इधर खेरखुटी गांव में एडवेस्टर का घर गिरने से एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान जहरून बीबी के रूप में बताई गई है। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है।

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वहीं जमुआ प्लांट के समीप बिजली का बड़ा पोल भी गिर गया,

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जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति बनी। लगातार हुए नुकसान के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा और क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।

चक्रवाती तूफान से हुए नुकसान के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर क्षति का आकलन किए जाने की जरूरत है, ताकि प्रभावित परिवारों और किसानों को समय पर राहत मिल सके।

निर्वाचन आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट से सियासी हलचल, SIR प्रक्रिया पर उठे सवाल

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नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देश की चुनावी राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। निर्वाचन आयोग के भीतर फैसलों को लेकर कथित मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों के दौरान आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कई बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराईं। रिपोर्ट में आपत्तियों की संख्या 14 बताई गई है। इनमें मतदाता सूची और SIR से जुड़े निर्णय भी शामिल बताए गए हैं।

आयोग ने क्या कहा?

विवाद बढ़ने के बाद निर्वाचन आयोग ने अपनी ओर से स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि आयोग में होने वाली आंतरिक चर्चा, सुझाव या अलग-अलग राय को अंतिम निर्णय से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए। आयोग के मुताबिक उसके महत्वपूर्ण फैसले निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूर्ण आयोग द्वारा लिए जाते हैं।

आयोग ने यह भी कहा है कि हाल के वर्षों में कई राज्यों में चुनाव और उससे जुड़ी प्रक्रियाएं निर्धारित व्यवस्था के तहत पूरी की गई हैं। इसलिए केवल आंतरिक टिप्पणियों या मतभेदों के आधार पर पूरे आयोग की कार्यप्रणाली का आकलन नहीं किया जाना चाहिए।

SIR बना विवाद का केंद्र

इस पूरे विवाद के केंद्र में मतदाता सूची का Special Intensive Revision (SIR) है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और मृत, स्थानांतरित, दोहरे या अपात्र नामों की पहचान करना है। हालांकि, प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित न हों और दावे-आपत्तियों का पर्याप्त अवसर मिले, इसे लेकर राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। निर्वाचन आयोग ने अदालत को बताया कि हटाए गए 27.16 लाख मतदाताओं में से 22 लाख से अधिक ने पुनः नाम शामिल कराने के लिए अपील की है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

आयोग के भीतर कथित मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। वहीं, सत्तापक्ष की ओर से आयोग की प्रक्रिया का बचाव किया गया है और कहा गया है कि अंतिम निर्णय आयोग की निर्धारित संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं।

ऐसे में अब विवाद सिर्फ SIR की प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि निर्वाचन आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया, पारदर्शिता और संस्थागत कार्यप्रणाली भी सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन गई है।

BKD News Jharkhand: इस पूरे मामले में आगे निर्वाचन आयोग की आधिकारिक स्थिति, राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं और अदालतों में चल रही कार्यवाही महत्वपूर्ण रहेगी।

अंतरराज्यीय चोर गिरोह का सरगना हसन चिकना गिरफ्तार, बरहरवा रेलवे स्टेशन पर पुलिस की कार्रवाई

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साहिबगंज से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है।

अंतरराज्यीय चोर गिरोह के कथित सरगना हसन चिकना को बरहरवा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले की ईटाहार पुलिस ने बरहरवा रेल पुलिस के सहयोग से यह कार्रवाई की है।

पुलिस के मुताबिक, हसन चिकना पर पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, मुंबई समेत कई राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह से जुड़े होने का आरोप है और कई राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

जानकारी के अनुसार, हसन चिकना कथित तौर पर रांची से चोरी के सोने की डिलीवरी करने के बाद वापस लौट रहा था। उसके बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंचने की सूचना मिलने के बाद उत्तर दिनाजपुर पुलिस की टीम पहले से ही स्टेशन पर निगरानी कर रही थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर अभिषेक साह के नेतृत्व में करीब दो दर्जन पुलिस पदाधिकारी सादे लिबास में स्टेशन परिसर में तैनात थे। ट्रेन से उतरने के बाद जैसे ही संदिग्ध को पुलिस की मौजूदगी का आभास हुआ, उसने कथित तौर पर भागने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद करीब 5 से 7 किलो सोना बरामद होने की चर्चा सामने आ रही है। हालांकि, बरामद सोने की वास्तविक मात्रा और उसकी कीमत की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की विस्तृत जांच और बरामदगी की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

कार्रवाई के बाद आरोपी को बरहरवा जीआरपी थाना लाया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उत्तर दिनाजपुर पुलिस आरोपी को अपने साथ पश्चिम बंगाल ले गई।

अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और चोरी की वारदातों के संबंध में भी जांच कर रही है।

करमा पूजा के दौरान महिलाओं से छेड़खानी और गाली-गलौज, विरोध पर फायरिंग का आरोप, 2 गिरफ्तार

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साहिबगंज // के मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र से करमा पूजा के दौरान महिलाओं के साथ छेड़खानी, गाली-गलौज और मारपीट के बाद गोली फायरिंग का मामला सामने आया है।

पुलिस के मुताबिक, घटना 22 सितंबर की रात तेलियाडीह करमटोला गांव में हुई, जहां आदिवासी महिलाएं करमा पूजा कर रही थीं।

इसी दौरान कार्यक्रम में पहुंचे दो युवकों पर महिलाओं के साथ गाली-गलौज और छेड़खानी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, इसी क्रम में दोनों आरोपियों ने देशी कट्टा से फायरिंग की और मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद पीड़ित महिला के आवेदन पर मिर्जाचौकी थाना में मामला दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए साहिबगंज पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जीरवाबाड़ी थाना क्षेत्र निवासी करण रिखियासन और गोड्डा जिले के महगामा थाना क्षेत्र के चुनाचक निवासी एक अन्य आरोपी के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा और एक खोखा बरामद किया है। बरामद हथियार के संबंध में भी पुलिस जांच कर रही है।

पूरे मामले की जानकारी साहिबगंज एसडीपीओ सुशील कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

अब सुनिए इस पूरे मामले पर साहिबगंज एसडीपीओ सुशील कुमार सिंह ने क्या कहा।

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